संगः सर्वात्मना त्याज्यः मुद्रण ई-मेल
संगः सर्वात्मना त्याज्यः स चेत्कर्तुं न शक्यते ।
स सिद्धिः सह कर्तव्यः सन्तः संगस्य भेषजम् ॥

संग का त्याग पूर्णरुप से करना चाहिए । वह अगर शक्य नहीं तो सज्जन का संग करना चाहिए क्यों कि सज्जन संगका ओसड है ।

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